Hamzad Ko Bulane Ka Tarika | Hamzad Ka Sach
Hamzad Ko Bulane Ka Tarika | Hamzad Ka Sach, “हमज़ाद को बुलाने का तरीका आज के समय में गूगल पर सबसे ज़्यादा सर्च किया जाने वाला शीर्षक है। लोग हमज़ाद के बारे में जानने के लिए बहुत उत्सुक रहते हैं। लोगों को मनाना है, कि हमज़ाद एक ऐसी रूहानी ताकत है, जो इंसानी आँखों से नहीं दिखाई देता है। हमज़ाद इंसान का सबसे अच्छा साथी होता है। लोगों के अनुसार हमज़ाद इंसान के जन्म से लेकर मौत तक साथ रहता है।
इंटरनेट की दुनिया में हमज़ाद को बुलाने के तरीके भरे पड़े हैं। कई लोग हमज़ाद और जिन्न को एक ही मान लेते हैं। ऐसी अधूरी जानकारी के कारण उन्हें हमज़ाद कभी हासिल नहीं हो पाता है। क्या इस दुनिया में आज भी कोई हमज़ाद नाम की चीज़ मौजूद है या नहीं। यह जानना आपके लिए बहुत ज़रूरी है। आज के इस लेख में आपको Hamzad Ko Bulane ka Tarika, हमज़ाद का सच और अर्थ, हमज़ाद और जिन्न में अंतर, हमज़ाद से जुड़े फायदे और नुकसान आदि बताने जा रहे है।
Hamzad Ka Sach Aur Arth
सबसे पहले हम बात करेंगे, कि हमज़ाद सच में है या फिर लोगों के द्वार फलाई हुई एक अफ़वाह। दोस्तों जब ऊपरवाला इंसान को बना रहा था। तब उसने इंसान के साथी के रूप में हमज़ाद को भी बनाया। ताकि इंसान इस दुनिया में अकेला कभी ना रह सके। हमज़ाद एक तरह से इंसान की परछाई होती है। जो हर वक्त उसके साथ–साथ चलती है। सुख-दुख में कभी साथ नहीं छोड़ता है। इस इंसानी परछाई को ही हमज़ाद कहा जाता है।
हमजाद का सच यह है, कि जब इंसान हमज़ाद को अपना काबू में कर लेता है, तो ये उसका वो काम करता है। जो उसने अपने सपने में भी कभी नहीं सोचा होता है। इंसान की रूह और परछाई जब जुड़ती है, तब हमजाद पैदा होता है। जिस तरह से इंसान की मौत के बाद परछाई उसका साथ छोड़ देती है। ठीक वैसे ही हमजाद भी इंसान का हमेशा के लिए साथ छोड़कर आसमान में चला जाता है।
Hamzad Ko Bulane Ka Tarika
इस्लाम के अनुसार हमजाद एक रूहानी रूह है। और खुद की रूह को अमल करके बुलाना हर धर्म में जायज़ है। इंटरनेट पर हमजाद को बुलाने के तरीके और हमजाद से दोस्ती के अमल दिए हुए हैं। लेकिन इनमें कौनसा सच और कौनसा झूठ। इसका पता लगा पाना बड़ा मुश्किल है। लेकिन इस वक्त आप बिल्कुल सही जगह पर आये हैं।
मैं आपको एक दिन में Hamzad Ko Bulane ka Tarika बताऊंगा। हमजाद को बुलाकर आप उससे तमाम काम करवा सकते हैं। छोटे बड़े काम में हमज़ाद से मदद ले सकते हैं।
हमज़ाद को बुलाने का तरीका बहुत पुराना है। जब मैंने इस अमल को किया था। तब मेरी उम्र 14 साल की थी। इस हमज़ाद के अमल के दौरान मुझे जो कुछ मिले। मैं आज तक उसका शुक्र-गुज़ार हूँ। जिस तरह से मैं आपको आज Hamzad Ko Hazir Karne Ka Tarika बता रहा हूँ। ठीक आप भी ऐसे ही करेंगे, तो पक्का आपके सामने हमज़ाद हाज़िर हो जाएगा।
- यह अमल एक खास रात को होता है, जो महीने में सिर्फ एक बार ही आती है। जिसे अमावस्या की रात कहा जाता है।
- अमावस की रात आपको घर की छत पर चले जाएं।
- ज़मीन पर चाँद की तरफ पीठ करके बैठ जाए।
- अब अपने सामने एक देशी घी या सरसों के तेल का एक दिया जलाएं।
- खुशबू के लिए अगरबत्ती जलाएं, और थोड़े गुलाब के फूल सामने रखें।
- अब दोनों आंखें बंद करके अपने नाम को उल्टा 21 बार बोलना है। जैसा अहमद नाम का उल्टा दमहअ।
- जैसे ही 21 बार बोल देंगे तब आंखें खोलनी है। तब आपको दिखाई देगा असली हमज़ाद।
हमज़ाद हाज़िर होते ही, आपको खड़े हो जाना है। आपके सामने एक काली परछाई होगी। वो काली परछाई ही हमज़ाद होगा। आपको सबसे पहले हमज़ाद को दोनो हाथ जोड़ कर प्रणाम करना है। उसके बाद हमज़ाद आपसे कुछ सवाल पूछेगा, कि आपने क्यों बुलाया है। किस काम के लिए हाज़िर किया है।
दोस्तो आपको हमज़ाद के सभी सवालो के जवाब देने हैं। उसके बाद हमज़ाद आपसे दोस्ती कर लेगा। हमज़ाद दोस्ती के बदले में आपको एक सोने की अंगूठी देगा। उस तोहफे को आपको सावधानी से रखना है।
Hamzad Ko Kabu Mein Karne Ka Tarika
हमज़ाद कोई भूत या आत्मा नहीं है, बल्कि यह किसी इंसान की मानसिक शक्ति का एक रूप है। इसे कंट्रोल करना काफी आसान है। मुस्लिम धर्म के लोग अपने हमज़ाद को काबू में करने के लिए अमल करते हैं। जबकि हिन्दू धर्म के लोग Hamzad Ki Sadhana करते है।
कुछ लोग कहते हैं कि दुनिया में हमज़ाद जैसी कोई चीज़ नहीं होती हैं। लेकिन आपको किसी ऐसे इंसान से पूछना चाहिए। जिसने सच में अपने हमज़ाद को काबू में किया हो, ताकि आप उसकी असली सच्चाई जान सकें।
- हमज़ाद का अमल सिर्फ़ मंगलवार की रात 11:45 मिनट पर किया जाएगा।
- सबसे पहले आपको एक खाली कमरे में चले जाना है।
- अब आपको एक शीशा में खुद को देखते हुए इस मंत्र को 11 बार बोलना है।
- हमज़ाद का मंत्र है- हमज़ाद का साया पलट मेरी काया।
- मंत्र बोलते समय अपनी पलकें नहीं झपकती है।
जैसा ही 11 बार मंत्र पढ़ा जाएगा। शीशे में आपका चेहरा गायब हो जाएगा। और बिल्कुल आप के जैसा आदमी आपके सामने आकर खड़ा हो जाएगा। हमजाद को देखकर डरना नहीं है। अब आपको शीशे को ज़मीन पर ज़ोर से मारना है। जैसा ही वो शीशा टूट जाएगा। तब समझ लेना आपकी दोस्ती एक ताकतवर हमज़ाद से हो गई है।
Hamzad Aur Jinn Me Antar
अक्सर लोग हमज़ाद और जिन्न को एक ही मान लेते हैं। लेकिन सच तो यह है कि, हमज़ाद और जिन्न अलग–अलग होते हैं। इनके काम करने का तरीका, इनका रहना, खाना-पीना सब कुछ अलग होता है।
जिस तरह घोड़े की लगाम घुड़सवार के हाथों में होती है। ठीक वैसे ही हमज़ाद की डोर भी इंसान की मुट्ठी में बंद होती है। जबकि जिन्न आज़ाद होते हैं, और इन्हें इंसानों की ग़ुलामी करना बिल्कुल भी पसंद नहीं होता है।
हमजाद को क़रीन का नाम दिया गया है। इसे अंग्रेजी भाषा में औरा भी कहा जाता है। हमजाद आपके पूरे नियंत्रण में रहता है और आपके दिए हुए आदेश का पालन करेगा। हमजाद में शक्तियां जिन्न और परियों से ज्यादा होती है। हमजाद एक देश दूसरे देश कुछ ही सेकंडों में आ जा सकता है।
Hamzad Ko Bulane Ke Fayde Aur Nuksan
हमज़ाद को बुलाने के 5 फायदे बता देते हैं-
- हमज़ाद आपके सामने दुनिया की कोई भी चीज़ चंद मिनटों में लाकर रख सकता है।
- हमज़ाद आपको कभी नुकसान नहीं पहुंचाएगा। आपकी हर तरह से मदद करने के लिए तैयार रहेगा।
- हमज़ाद आपके शरीर को ताकतवर बना देगा। शरीर की सारी बीमारियां खत्म कर देगा।
- यह आपको धन दौलत, गाड़ी बंगला सब कुछ देता है।
- आपका अकेलापन दूर हो जाएगा और दोस्त के रूप में एक अच्छा हम साथी मिल जाएगा।
हमज़ाद के 5 नुकसान बता देते हैं-
- अगर आप गुस्से वाले इंसान हैं तो आपका हमज़ाद भी गुस्से और नफ़रत से भरा होगा।
- एक बार हाजिर कर लेंगे तो उसके बाद पूरी ज़िंदगी आपका पीछा नहीं छोड़ेगा।
- हर वक़्त आपके आस–पास रहेगा और आपके ऊपर नज़र बनाए रखेगा।
- आपको अँधेरे से डर लगने लग लगेगा। और रात को सपने भी डरावने आने लगेंगे।
- हमज़ाद को हाज़िर करने के बाद उसे उम्र भर दोस्त बनाकर रखना पड़ेगा।
Hamzad Se Jude Aam Sawal Aur Jabab ( FAQ )
क्या हमज़ाद नुकसान पहुंचाता है?
दोस्तों अगर आप बिना किसी गुरु से सलाह-मशविरा लिए अमल करते हैं, तो आपको निश्चय रूप से शारीरिक और मानसिक नुकसान हो सकता है। इसलिए बिना गुरु बनाए कभी भी Hamzad Ka Amal नहीं करना चाहिए।
हमज़ाद क्या है?
सबसे ज्यादा पूछा जाने वाला लोगों का सवाल यह होता है, कि हमज़ाद क्या होता है? हमज़ाद को लोग काफी नामों से जानते हैं, जैसे कि परछाई, साया, क़रीन, रूहानी साथी, जोड़ीदार दोस्त, छाया पुरुष, हम-राही आदि। हमज़ाद का मतलब ये है, कि एक ऐसा साया जो बिना लोगों की नजरों में आए, आपके सारे काम पूरे कर दे, उसे ही हमज़ाद कहा जाता है।
क्या हर इंसान का हमज़ाद होता है?
हाँ यह बात सच है, कि हर इंसान का हमज़ाद होता है। लेकिन इसको अमल के ज़रीए सिद्ध करना पड़ता है। जिस तरह आप रोज़ शीशे में अपने आप को देखते हैं। ठीक वैसे ही हमज़ाद भी रोज़ आपके ऊपर निगरानी बनाए रखता है।
क्या हमज़ाद को बुलाया जा सकता है?
बिलकुल हमज़ाद को गुप्त साधना या अमल करके अपने सामने बुलाया जा सकता है। हमज़ाद को बुलाने से पहले आपका दिल मज़बूत होना ज़रूरी है। मन में कोई चाल कपट या डर नहीं होना चाहिए। हमज़ाद वफ़ादार होता है। यह इंसान की तरह कभी धोखा नहीं देता है।
हमज़ाद इंसानों के क्या काम कर सकता है?
अगर हमजाद से दोस्ती कर ली जाए, तो ये आपको काफी फायदे दे सकता है। हमजाद की मदद से आप कुछ भी कर सकते हैं। हमजाद इंसान को बुरे वक्त से बाहर निकल सकता है। दूर बैठे व्यक्ति के बाहर जानकारी दे सकता है।
